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भारत के एवीजीसी इकोसिस्टम ने अपने स्तर को बेहतर बनाया: विंज़ो ने भारतीय टेक्नोलॉजी और संस्कृति को वैश्विक मुकाम पर पहुँचाया
● इन गेम्स में शामिल हैं भारतीय एपिक्स, जैसे कि रामायण और महाभारत, तथा चोल साम्राज्य से प्रेरित गेम्स, भारत के एक व्यस्त शहर के परिदृश्य में एक्शन-एडवेंचर, मंदिर निर्माण की नकल, वर्चुअल रियलिटी में क्रिकेट का अनुभव, आदि।
● यह पहल भारतीय कंटेन्ट की श्रृंखला दिखाएगी, जिसमें सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक गेम्स से लेकर नई खोज वाली टेक्नोलॉजीज होंगी, जिन्हें भारत में दुनिया के लिये बनाया गया है।
नई दिल्ली, भारत, 26 फरवरी, 2024: भारत के सबसे बड़े वर्नाकुलर इंटरैक्टिव एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म विंज़ो ने गेमिंग के 10 स्टार्टअप विजेताओं की घोषणा की है। यह विजेता उसकी प्रमुख पहल ‘भारत टेक ट्रायम्फ’ में भाग लेने वालीं 150 से ज्यादा कंपनियों में से चुने गये हैं। इस प्रोग्राम के जरिये विजेता कंपनियाँ अपने उत्पादों का प्रदर्शन दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग कॉन्फ्रेंस के पहले भारतीय पविलियन में करेंगी। इस कॉन्फ्रेंस का नाम गेम डेवलपर कॉन्फ्रेंस (जीडीसी) है और इसे अगले महीने सैन फ्रांसिस्को में आयोजित किया जाएगा।
विंज़ो ने ‘भारत टेक ट्रायम्फ’ पहल की लॉन्चिंग नेतृत्व करने वालों, उद्यमियों, निवेशकों, दूरदर्शियों और विभिन्न साझीदारों को एकजुट करने वाला एक वैश्विक मंच बनाने के लिये की थी। यह सभी भारत में टेक्नोलॉजी के नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध हैं। यह संयुक्त प्रयास ‘भारत में भारत और दुनिया के लिये निर्मित’ सिद्धांत के लिये माननीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सोच पर विंज़ो का समर्पण दिखाता है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलें इसी सोच के अनुरूप हैं। जिस तरह से पिछले कुछ दशकों में आईटी सेवाओं की मांग में बढ़ोतरी हुई है, उसी तरह गेमिंग में नवाचार से भारत तकनीकी नवाचार का पावरहाउस बन सकता है। वह अगले ‘टेकेड’ को आकार दे सकता है और 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
विजेताओं के पास तरह-तरह के गेम्स हैं। जैसे कि भारतीय एपिक्स रामायण और महाभारत, तथा चोल साम्राज्य से प्रेरित गेम्स, भारत के एक व्यस्त शहर पर आधारित एक्शन-एडवेंचर, मंदिर निर्माण की नकल, क्रिकेट का वर्चुअल रियलिटी वाला अनुभव, आदि। विजेताओं का चयन एक कठोर प्रक्रिया के बाद हुआ, जिसका संचालन उद्योग दिग्गजों के सक्षम निर्णायक मंडल ने किया था। इनमें शामिल हैं – इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के अतिरिक्त निदेशक राकेश दुबे, कलारी के प्रबंध भागीदार राजेश राजू , लुमिकाई के संस्थापक महाभागीदार जस्टिन श्रीराम कीलिंग, क्लेवरटैप के सह-संस्थापक एवं सीपीओ आनंद जैन और गेमटेक सेगमेंट, इंडिया, एडब्ल्यूएस की प्रमुख नेहा यादव।
विंज़ो के को-फाउंडर पावन नंदा ने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि हमें एक वैश्विक मंच पर भारतीय उद्यमियों के जीवंत उत्साह और उमंग को साथ लाने में सहयोग मिला। भारतीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स की प्रेरक कहानियाँ दिखाकर विंज़ो का मकसद टेक्नोलॉजी में नवाचार का भाव जगाना है। हम सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक कंटेन्ट का निर्यात भी करना चाहते हैं, जो भारत की संस्कृति और समाज पर समझ को बेहतर बना सके। कंटेन्ट और गेमिंग में संस्कृतियों को मिलाने और समझ तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की ताकत है। गेम्स भी भारत को दुनिया की एक महाशक्ति बनाने के लिये महत्वपूर्ण हैं।’’
कलारी कैपिटल के प्रबंध निदेशक राजेश राजू ने कहा, ‘‘विंज़ो की पहल भारत के स्टार्टअप पारितंत्र की सरलता और नए-नए आविष्कारों की सराहना करती है। कंपनी का लक्ष्य अपने देश के बड़े प्रतिभा भंडार को मान्यता देना है। यह गेमिंग के वैश्विक एरीना का एक महत्वपूर्ण दरवाजा है, जहाँ से जीडीसी तक पहुँच मिलती है और भागीदारी करते हुए वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं से ज्ञान प्राप्त हो सकता है। हमें गर्व है कि विंज़ो स्टार्टअप कम्युनिटी को सशक्त कर रहा है और भारत की गेमिंग कम्युनिटी के लिये बेजोड़ अवसरों का रास्ता बना रहा है, ताकि दुनियाभर में इसका विकास हो।’’
‘मुंबई गलीज’ बनाने वाले स्टूडियो के फाउंडर निखिल मालनकर ने कहा, ‘‘ऐसे शानदार आयोजन के लिये विंज़ो को धन्यवाद। मैं जीडीसी में पहली बार ‘मुंबई गलीज’ दिखाकर बेहद खुश हूँ। यह टेक्नोलॉजी और गेमिंग के व्यापार के लिये विश्व का सबसे बड़ा मंच है। मुंबई सपनों का प्रतिनिधित्व करती है और भारत में उन सपनों को पूरा करने की कोशिशें लगातार होती हैं। हमें उम्मीद है कि ऐसी पहलों से भारतीय गेमिंग का लगातार विकास होगा और इनसे वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।’’
भारत टेक ट्रायम्फ के विजेताओं में शामिल हैं:
● ‘‘कुरुक्षेत्र’’, एक एपिक कार्ड-बेस्ड स्ट्रैटेजी गेम, जो महाभारत और रामायण से प्रेरित है।
● ‘‘मुंबई गलीज’’, व्यस्त शहर मुंबई के परिदृश्य में एक एक्शन-एडवेंचर गेम।
● ‘‘श्री राम मंदिर’’, एक सिम्युलेशन/आर्केड गेम, जिसमें प्लेयर्स प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण करते हैं।
● ‘‘स्कारफाल’’, एक मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल शूटिंग गेम।
● ‘‘इनवर्स क्रिकेट’’, एक वर्चुअल रियालिटी क्रिकेट गेम, जो तल्लीन करने वाला अनुभव देता है।
● ‘‘ब्लूम’’, एक खूबसूरत नेरेटिव वाला पज़ल गेम।
● ‘‘मायानगरी’’, भारत का प्रीमियर हिन्दी 3डी ओपन-वर्ल्ड गैंगस्टर गेम।
● ‘‘अनसंग एम्पायर: द चोलास’’, 3डी एक्शन-एडवेंचर गेम, जिसमें स्वोर्ड-बेस्ड फॉर्मेट है।
● ‘‘स्पूक अ बू’’, भौतिकी पर आधारित एक काउच को-ऑप गेम, जो कंसोल जैसे अनुभव का वादा करता है।
पिछले साल विंज़ो ने लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी गेमिंग प्रदर्शनी ब्राजील गेम शो (बीजीएस), साओ पाउलो में इंडिया पविलियन की पहल की थी। इससे गेम टेक की कई कंपनियों के बीच गठजोड़ हुए। भारत टेक ट्रायम्फ पहल अब गेमिंग के डेवलपर्स को सशक्त करने की कोशिश है, ताकि वे दूसरे अग्रणी बाजारों में पहुँच सकें। इस प्रकार गेमिंग के वैश्विक एरीना में भारत की पहुंच और भी मजबूत होगी और भारत नेतृत्व की स्थिति हासिल करेगा। कंपनी ने 100 से ज्यादा भागीदार गेम डेवलपर्स को कैरम, चेस और कार रेस जैसे गेम्स निर्यात करने में सुविधा दी है। उन्हें ब्राजील तक मुफ्त में पहुँचाया है, जोकि 90 मिलियन से ज्यादा यूजर्स के साथ मोबाइल गेमिंग का चौथा सबसे बड़ा बाजार है। विंजो ने देशी भारतीय खेलों, जैसे लूडो, कैरम और स्नैक एण्ड लैडर्स को भी ब्राजील के नये बाजारों और दर्शकों के बीच बढ़ावा दिया है। विंज़ो भारत को वैश्विक मंच पर गेम डेवलपमेंट का एक प्रमुख केन्द्र बनाने के लिये स्थायी रूप से प्रतिबद्ध है।


